इंडियन सेक्स स्टोरी : प्यार की प्यास

(Indian Sex Story : Pyar Ki Pyas)

नमस्कार दोस्तो.. मेरा बदला हुआ नाम फरीद है और मैं गोधरा गुजरात का रहने वाला हूँ।

मैं एक आम आदमी हूँ और मैं आज आपके सामने मेरी पहली कहानी Indian Sex Story बताने जा रहा हूँ मुझे आशा है कि आप सबको मेरी कहानी पसंद आएगी।

मेरी उम्र 22 है और मैं मेरा पहला अनुभव आपको बताने जा रहा हूँ। मुझे अपने मोहल्ले की एक लड़की से प्यार हो गया था। उसका बदला हुआ नाम शबाना हुसैन है पर मैंने अभी तक उसे बताया नहीं था। ये प्यार सिर्फ मेरे ही दिल में था। उसे तो पता भी नहीं था। मुझे उसे बताना बहुत भारी लग रहा था। एक बात और थी कि वो ज्यादातर घर से बाहर निकलती नहीं थी तो उसे पटाने का मौका ही नहीं मिलता था।

उसके घर के पास मेरा एक दोस्त रहता है। मेरे उस दोस्त की शादी थी और उसने मुझे शादी के किसी काम के लिए फोन किया। जब मैं उसके घर गया तो देखा शबाना अपनी बहन के साथ बैठी है। मैंने सोचा आज मौका है इससे आज बात कह ही देनी चाहिए।

कुछ देर बाद जब वो अकेली हुई.. तो मैं मौके का फायदा लेने चला गया।

मैं उसके पास जाकर बोला- शबाना, मेरा गला कब से सूखा पड़ा है.. जरा प्यास बुझा दो।
वो कहने लगी- मुझे कुछ समझ नहीं आया? साफ़-साफ़ बताओ।
मैंने कहा- बाहर जो पानी रखा है वो गरम है.. जरा ऊपर जा कर फ्रिज से ठंडा पानी ला कर पिला दो।
वो बोली- ओके मैं लाती हूँ।

वो जब पानी लेकर आई तो मैंने उसे एक हल्की सी मुस्कान दी.. तो वो भी मुस्कुराने लगी। फिर जब मैंने उसके हाथ से पानी का गिलास लिया तो उसके हाथ को छुआ और मैंने पानी पीने के बाद उसे शुक्रिया बोला।

वो बोली- आप मेरा नाम कैसे जानते हो?
मैंने कहा- महीनों से जानता हूँ!
फिर बोली- वो कैसे?
मैंने कहा- आज जिस दोस्त की शादी है ना.. मैंने उससे पूछा था।
वो बोली- मेरा नाम उससे क्यों पूछा?
मैंने बोल दिया- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो इसलिए..

वो शरमा गई। मैंने सोचा फरीद बात बन रही है।

वो मुस्कुरा कर चली गई।

उस दिन के बाद जब भी मैं सुबह निकलता.. वो मुझे देखने के लिए बाहर निकलती और मेरे सामने देखकर मुस्कराती और मैं भी मुस्कुरा देता।

ऐसे ही 10 दिन निकले।

एक दिन मैंने मेरा मोबाइल नंबर एक कागज के ऊपर लिख कर उसके सामने फेंकता हुआ चला गया, जो उसने देख लिया था।

दो दिन के बाद उसका फ़ोन आया।

मैंने पूछा- कौन?
उसने कहा- शबाना।
मैंने कहा- मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।
वो बोली- सच..!
मैंने कहा- हाँ यकीन न आए तो आजमा के देख लो।
उसने कहा- मैं भी आपसे..
मैंने कहा- क्या?
वो शर्मा कर बोली- प्यार।

ऐसे हमारी बातें बहुत दिन चलीं। एक दिन हमने मिलने का प्लान बनाया।

मैंने उससे हमारे गोधरा की सरहद पर एक लव पॉइंट है.. वहाँ बुलाया। मैं वहाँ खड़ा उसका इन्तज़ार कर रहा था।

मैंने उसे रात के 8 बजे का कहा था। वो 9 बजे आई और अपनी एक सहेली को भी साथ में लाई।

मैंने कहा- इसको क्यों लाई हो?
उसने कहा- मुझे अकेले में डर लग रहा था.. इसलिए लाई हूँ।
मैंने उसकी सहेली से कहा- तुम वहाँ बैठो.. हम अभी आते हैं।
मैं शबाना को एक पेड़ के पीछे के हिस्से में ले गया और उससे पूछा- इतनी देर से क्यों आई?
उसने मुझसे देर से आने के लिए माफ़ी मांगी और वो बोली- मेरी स्कूटी का टायर ख़राब था इसलिए मेरी सहेली की स्कूटी से उसके साथ आई हूँ।

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