एक रियल लव स्टोरी 1

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Meri Sex Story Par Publish Is Kahani Ki Writer Simran Ka Kehna Hai Ki Ye Unki Real Love Story Hai… Aap Hi Decide Kijiye…

लेखिका – सिमरन

ये स्टोरी आज से, 1 साल पहले की है..

मैं ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर मे थी..

मेरी एक फ्रेंड थी, जिसका नाम सोनाली था हम रोज साथ कॉलेज जाते थे पर वापिस आने के समय उसका बॉयफ्रेंड उसे पिक करने आता था और उन दोनों को साथ मे देख कर मेरा भी मन करता था की, मेरा भी कोई बॉयफ्रेंड हो.

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ऐसे ही कुछ टाइम के बाद, एक दिन सोनाली ने मुझसे बात की और मुझे बताया के उसके बॉयफ्रेंड का एक दोस्त मुझसे फ्रेंडशिप करना चाहता है और आज हमसे मिलने कॉलेज के पास वाले रेस्टोरेंट मे आ रहा है.

मेरा दिल उसकी बात सुन कर बहुत ज़ोर से धड़कने लगा हालाँकि मैं खुद चाहती थी के मेरा कोई बॉयफ्रेंड हो पर फिर भी..

हम कॉलेज ख़तम होने के बाद उस रेस्टोरेंट मे गये.. वहाँ पर राज जो की सोनाली का बॉयफ्रेंड था और उसके साथ उसका एक फ्रेंड था जो बहुत स्मार्ट और हॅंडसम था.

हम उनसे मिले और राज ने मुझे समीर से परिचय करवाया..

समीर ने मुझे हेलो कहा और मैंने भी हेलो मे जवाब दिया..

उसके बाद कुछ इधर उधर की बातें चलती रही..

फिर, राज और सोनाली उठ कर जाने लगे.

मैं भी उनके साथ उठने को तैयार हुई तो सोनाली ने मुझे कहा के तुम कहाँ जा रही हो… समीर तुमसे कुछ बात करना चाहता है सो तुम बातें करो और हम लोग चलते हैं…

इतना कह कर, वो दोनों वहाँ से चले गये.

फिर समीर ने मुझसे बाते की मेरे बारे मे उसने बहुत सी जानकारी पहले ही जमा कर रखी थी और आख़िरी मे उसने जो बोला उसने तो मुझे सुन्न ही कर दिया मैं उसे अभी ठीक से जानती भी नहीं थी और आख़िरी मे उसने मुझे “आई लव यू” कह दिया..

मेरी तो समझ मे ही नहीं आ रहा था के मैं क्या जवाब दू.. सो, मैंने उसे कह दिया के समीर मुझे थोड़ा वक़्त चाहिए… हम आज ही मिले हैं… मैं आज ही कोई फ़ैसला नहीं कर सकती…

उसने बोला के नो प्राब्लम, डियर… तुम्हे जितना समय चाहिए, उतना लो… पर तब तक हम मिल तो सकते है…

मैंने “हाँ” मे जवाब दिया और फिर हम रेस्टोरेंट से बाहर आ गये और उसने मुझे बाइक पर घर ड्रॉप कर दिया.

उसके बाद वो भी हमेशा कॉलेज के बाहर राज के साथ मेरा इंतज़ार करता और मुझे घर ड्रॉप करता..

इसी तरह से कुछ दिन, चलता रहा हमारे बीच बहुत सी बातें हुई अब वो मुझे अच्छा लगने लगा था और वो, मेरा बहुत ध्यान रखता था.

फाइनली एक दिन, हम रेस्टोरेंट मे कॉफी पीने के लिए गये.

तो वहाँ उसने मुझसे पूछा – सिमरन, क्या तुमने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया…

और मैंने उसे कह दिया की समीर मैंने फ़ैसला ले लिया है और मैंने कहा – समीर आई लव यू टू…

इसको सुन कर तो वो पागल हो गया.. अब हम साथ मे ज़्यादा से ज़्यादा समय बिताने लगे थे और हमारे बीच गले लगाना, चूमना, ये सब नॉर्मल हो गया था पर अभी हम इससे आगे नहीं बड़े थे और मैं शादी से पहले इसे आगे बढ़ाना भी नहीं चाहती थी..

फिर समीर का जन्मदिन आ गया और उसने मुझसे कहा के हम जन्मदिन वाले दिन कहीं बाहर चलेंगे और जन्मदिन साथ मे मनाएँगे और वही २ दिन हम होटेल म रुकेंगे.

होटेल की बात सुन कर, मैंने उसे मना कर दिया जिससे वो मुझसे बहुत गुस्सा हो गया और मुझसे बात भी नहीं कर रहा था.

मुझे अपने ऊपर, बहुत गुस्सा आ रहा था और मैंने समीर से कहा की ठीक है हम बाहर जाएँगे पर सिर्फ़ एक ही शर्त पर की तुम मुझसे कोई भी ऐसी वैसी हरकत नहीं करोगे…

उसने प्रॉमिस किया की वो कोई भी ऐसी वैसी हरकत नहीं करेगा और उसके जन्मदिन वाले दिन हम लोग उदयपुर गये और वहाँ पर समीर ने पहले से ही होटेल मे एक रूम बुक कर रखा था.

हम उस होटेल मे गये और फ्रेश होकर, हम लोग बाहर घूमने चले गये और शाम को वापिस आए.

हमने रूम मे ही केक मँगवाया और केक के साथ, समीर ने वाइन भी ऑर्डर की हमने केक काटा और समीर ने मुझे वाइन ऑफर किया..

मैंने उसे मना कर दिया की मैं वाइन नहीं पीती पर उसने कहा की आज, मेरा जन्मदिन है और आज तो तुन्हे मेरे साथ पीना ही होगा…

उसने मुझे ज़बरदस्ती पीने को कहा..

मैंने मान लिया पर जैसे ही मैंने वाइन का एक सिप लिया मेरे तो होश ही उड़ गये और थोड़ी देर के बाद, मेरा सर चकराने लगा.

मैंने समीर से कहा की मेरा सर चकरा रहा है…

तो उसने कहा की पहली बार है, इसलिए ऐसा हो रहा है…

उसने मुझे कुछ देर सो जाने को कहा.

मैं कुछ देर सो गई और जब उठी तब भी मेरा सर दर्द कर रहा था पर पहले से ठीक था फिर हमने खाना खाया और बेड पर चले गये..

बेड पर जाते ही, समीर ने मुझे गले लगाया और चूमना शुरू कर दिया..

ये हमारे लिए कोई नयी बात नहीं थी इसलिए मैंने उसे मना नहीं किया पर थोड़ी देर के बाद समीर ने मेरे कपड़ो के ऊपर से मेरे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया.

मैंने उसे रोका लेकिन उसने कहा की मैं सिर्फ़ कपड़ों के ऊपर से ही करूँगा तो मैंने कुछ नहीं कहा लकिन उसकी इस हरकत से मेरे अंदर भी उत्तेजना बढने लगी थी फिर उसने मेरी चूत पर हाथ फेरना शुरू कर दिया..

जिससे मुझे और भी ज़्यादा उत्तेजना होने लगी और मेरे मूँह से ना जाने कैसी सिसकारियाँ निकालने लगी.

आ आ आ आ आ आ आहह सस्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्सस्स…

जिसे सुन कर, समीर भी उत्तेजित हो गया था.

उसने कब मेरी कमीज़ मे हाथ डाल दिया मुझे पता ही नहीं लगा और अब वो मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबा रहा था..

मुझे मज़ा आने लगा था और हम इतने उत्तेजित हो गये की मैंने खुद अपनी कमीज़ और ब्रा उतार दी और समीर का मुँह अपने बूब्स पर दबा लिया.

वो मेरी एक चुचि चूस रहा था और एक को बुरी तरह से मसल रहा था..

मेरे मुँह से बस सिसकारियाँ ही निकल रही थी.

ऊ ऊऊ ऊ ऊऊ ऊ ऊऊ ऊ ऊ ओह सम्म्म्म मीई ईई ररर… ये तुमने क्या किया, तुमने कहा था की तुम ऐसा नहीं करोगे… स स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् स्स्स्स्स् सस्स… आहह आह…

समीर – जानेमन, मैंने क्या किया है… मैंने तो कुछ भी नहीं किया, तुमने ही अपने कपड़े उतारे हैं…

मेरी कहानी जारी रहेगी…

Meri Sex Story Par Publish Stories Real Ho Ya Na Ho… Aapka Lund Khada Hona Aur Chut Gili Hona Taay Hai…

Written by

मस्त कामिनी

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