सौरभ को सोना की है लेना 2

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Sex Stories Hindi Me Saurabh Ko Sona Ki Hai Lena 2 Pasand Aane Par Story Ko Star Rating Dena Na Bhule…

लेखक – सौरभ

उसने मुझे छत पे बुलाया और बोली की इन दिनों, आपके प्रति बहुत आकर्षित हो गई हूँ… ई थिंक मैं आपसे प्यार करने ल्गी हूँ और मेरे चिक पे किस करके भाग गई..

माय गॉड लाइफ का पहला किस था..

वो अब तक मुझे याद है..

उसके बाद, मैंने भी किस करके रिप्लाइ दे दिया..

अब वो पूरा ओपन टाइप की हो गई और मुझे डाइरेक्ट्ली सेक्स के बारे मे पूछने लगी..

क्या कहूँ, ये सुनके तो मेरा खड़ा हो गया था..

वो ये सब नोटीस कर रही थी.

वो मेरे पास आई और मेरे लीप पे डीप किस कर दिया, मुझसे और रहा नहीं गया..

मैं भी उस पर चढ़ गया और हम करीब 2 मिनिट तक स्मूच करने लगे..

फिर किसी के आने की आहट सुनाई दी तो मैंने उसको हट जाने के लिए कहा.

तब भाभी आई और उसको घर छोड़ने को कहा तो हम निकल पड़े.

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उसके घर पहुँचते ही, उसके मम्मी बाहर आई और मेरा वेलकम किया और बोले – आज का डिन्नर हमारे साथ कर लो…

तो मैं मना नहीं कर पाया..

उसके घर पे वो और उसके मम्मी रहते थे..

डिन्नर के बाद, उसकी मम्मी को कॉल आया की मेडिकल एमर्जेन्सी है… एक नया पेशेंट आया है… और सीरीयस कंडीशन है तो उनको जाना पड़ा और मुझसे बोली – आज रात यही रुक जाओ, बेटा… मुझे आने मे देर होगी और सोना भी अकेली हो जाएगी…

तो मैंने हाँ कर दी और अंदर ही अंदर, खुशी से पागल हो रहा था तभी आंटी ने कहा – दरवाजा, खिड़की ठीक से बंद कर देना…

मैंने कहा – आप चिंता मत कीजिए… सोना का ख़याल मैं ठीक से रखूँगा और आंटी चले गई…

फिर क्या ..

मेरी तो दीवाली के पहले से ही दीवाली आ गई और मेरा रॉकेट भी निकलने के लिए बेताब था.

फिर सोना, मेरे सामने ही चेंज करने लगी..

पहले उसने, अपनी सलवार उतार के मेरे ऊपर फैक दी..

फिर उसने अपना कुर्ता भी उतार दिया..

उसके बाद तो मेरे नैन फटे के फटे रह गये.. क्या लग रही थी सोना पिंक कलर की पैंटी और ब्रा में..

ऊपर उसके बूब्स बस एक तरह से अंदर क़ैद थे. जैसे की मुझे इशारे कर रहे थे उनको पकड़ के निचोड़ के सारा रस पी लूँ..

उसके गोरे बदन पे एक भी दाग नज़र नहीं आ रहा था..

फिर उसने कहा –

सोना : बस करो ना जान, अब कितना देखोगे ?

मैं : जब तक दिल नही मानता…

सोना : जान, आज मैं सिर्फ़ आप की हूँ…

मैं : आई लव यु, मेरे सोना…

सोना : मुझे थोड़ा हग करो ना, जान… अब ये दूरी बर्दशात नहीं हो रही मुझसे…

मैं : मुझसे भी… और मैंने उसके माथे पे स्लोली किस करके हग कर लिया.

वो उतेजना में आ चुकी थी और मेरा रोड भी बाहर आने को तड़प रहा था.

फिर मैंने धीरे धीरे स्मूच करना चालू कर दिया..

उसने मेरे होंठों को काटना शुरू किया..

फिर सोना मेरे पैंट के बाहर से ही मेरा लंड को दबाने लगी..

मैंने जल्द ही, अपनी जीन्स उतार दिया और वो मदमस्त नज़रो से मेरे लंड को घूर रही थी.

उसने मेरे लंड को पकड़ के चूमा फिर आगे पीछे करने लगी..

थोड़ी ही देर मे रोमांच के कारण, मैं झड़ गया तो उसने हाथ हटा लिया और बोली – ये क्या हुआ…

मैंने कहा – कुछ नहीं… यही तो वो चीज़ है जिसस से बच्चा पैदा होता है…

तो उसने कहा – ऐसा क्या… आप तो बहुत कुछ जानते हो…

तो मैंने रिप्लाइ किया की आगे आगे देखो, फिर होता है क्या.

मैंने उसको लंड चूसने को कहा..

उसने मना कर दिया पर बाद मैं ज़िद करने पे मान गई और चूसना शुरू किया..

उस वक्त मुझे तो लगा मैं सातवे आसमान मे हूँ.. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया था..

अब मज़ा भी आ रहा था और गुदगुदी भी हो रही थी.

फर्स्ट टाइम था ना सब तो पॉर्न देख देख क एक्सपीरियेन्स हो गया था.

3-4 मिनिट के बाद मैं दुबारा उसके मुंह मे झड़ गया..

उसने सब थूक के निकाल दिया और जा के मुंह सॉफ कर लिया.

वो अब तक सेमी न्यूड थी.. मैं उसके पीछे पीछे गया और पीछे से ही उसकी गुलाबी पैंटी के अंदर हाथ डाल के उसके मस्त गोल, नरम गाण्ड को दबाने लगा..

वो कहरा उठी और बोली – धीरे करो ना जान, दर्द होता है…

मैं थोड़ी ना मानने वाला था..

उसको गोदी मे उठा के बेड रूम तक ले गया और उसकी ब्रा को उतार दिया..

उफ्फ !! क्या नज़ारा था..

उसके बूब्स के निप्पल कड़क हो गये थे..

मैंने एक हाथ से एक तरफ के निपल से खेलना चालू किया और दूसरे बूब पे किस करने लगा..

वो तो पूरा झटपटा रही थी.

आँखे बंद करके मेरी हरकतों को महसूस कर रही थी और मेरे बालो को सहला रही थी..

धीरे धीरे मैने नीचे आना शुरू किया, वो पूरा र्रोमांचित हो गई थी अब तो बहुत टाइम था..

मैंने कोई हड़बड़ी नहीं की वो बोले जा रही थी की उसे कुछ कुछ हो रहा है और वो झड़ गई.

फिर मैंने उसके पैंटी निकाल दी और उसने शरमा के मुंह फेर लिया तो मैंने कहा – क्या हुआ जानू… शरमाओ मत… मैं अब तुम्हे जन्नत की सैर कराता हूँ…

जब देखा तो उसके चूत मे हल्के हल्के बाल थे..

चूत पूरी गीली हो चुकी थी..

जब चूत के लिप्स को साइड किया तो देखा गुलाबी गुलाबी चूत पूरी गीली हो गई थी..

मैंने रियल मे फर्स्ट टाइम चूत देखा था, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ..

मैंने मुंह लगा दिया और सक करने लगा.. वो काँप रही थी.. चिल्ला रही थी – ऐसे मत करो अजीब लग रहा है… छोड़ दो प्लीज़…

मैंने कहा – तुम्हे अच्छा लगेगा जानू, रूको थोड़ा…

फिर मैं पूरा आराम से जीभ से बुरी तरहा चाटने लगा और उसका पूरा रस पी गया..

अजीब सा टेस्ट था जैसे नमकीन और लंड के रस के टाइप की ख़ुशबू थी..

फिर भी जो भी हो बहुत मस्त लगा..

ऐसे ही सक करे जा रहा था.. वो फिर से एक बार झड़ गई और मेरे बालो को ज़ोर के पकड़ रखी थी..

अब तक तो मैं बाकी था..

मेरा लंड तो गुफा मे जाने क लिए बेताब था..

फिर सोना ने कहा – जो करना है कर डालो… बस मुझे शांत कर दो… ये बेचैनी सहन के बाहर है…

फिर क्या, मैंने लंड को उसके चूत मे टीकाया, गीला होने के कारण थोड़ी अंदर आराम से घुस गया..

फिर अंदर जा नहीं रहा था..

मैंने ज़ोर लगा के एक धक्का दिया..

लंड पूरा अंदर चला गया, वो चिल्ला पड़ी और मेरे गाल पे एक थप्पड़ मार दिया और बोली – प्यार से नहीं कर सकते हो क्या… जल्दी निकालो… बहुत दर्द कर रहा है…

उस वक्त, मैं कुछ सुनने के मूड मे नहीं था.. थोड़ा लंड को बाहर निकल के फिर अंदर डाल दिया..

वो ना चिल्लाए इसीलिए, मैंने स्मूच करना चालू रखा.

कुछ देर बाद, वो भी गाण्ड उछाल उछाल के साथ देने लगी..

अब हम दोनो जोश मे थे.. बड़ा मज़ा आ रहा था..

मैं दो तीन बार झड़ चुका था इसीलिए अब के टाइम इतनी जल्दी निकलने वाला नहीं था..

फिर हमने पोज़िशन चेंज की और मैंने उसको एक टेबल के किनारे लिटाया और उसके टाँगो को मेरे कंधे पे रख के धक्के मारने लगा..

वो झड़ने वाली थी और थक भी गई थी.. ऐसे ही धक्के मार रहा था..

इतने में वो बोली – ज़ोर ज़ोर से करो ना जान… मस्त लग रहा है… तो मैने ज़ोर से करना चालू कर दिया और वो झड़ गई और शांत हो गई पर मेरा तो अब तक टाइम नहीं आया था इसीलिए मैंने उसको फिर से बेड पे लेके गया और डॉगी स्टाइल मे रहने को कहा और वो हो गई..

फिर मैंने पीछे से उसके चूत मे उंगली करने लगा..

थोड़ी देर बाद मैंने लंड टीका के धक्का लगाया लगा की मेरा पूरा लंड उसके चूत मे खो गया..

ऐसे चुदाई करते करते, मैं कुछ देर मे झड़ गया..

ग़लती से उसके अंदर ही झड़ गया, एग्ज़ाइट्मेंट मे निकालना ही भूल गया था..

उस रात हमने 3 बार सेक्स किया.. वो तारीख भी मुझे याद है..

20 अप्रिल..

करीब 2 बजे तक मैं लगा था पर मुझे मेरे लंड मे दर्द होने लगा..

फिर हम दोनो फ्रेश हो के एक दूसरे को हग करके सो गये. वो मेरे लंड को पकड़ के सो गई और मैं उसके बूब्स को दबा दबा के सो गया.

अगले सुबह को आंटी ने डोर पे बेल बजाई तो उसने उठ के मुझे और खुद को ठीक कर लिया..

मैं तो सो रहा था बाद मे मैंने जाके मेडिसिन स्टोर से एक पिल ले आया..

अगर मेरा स्टोरी पढ़ के आप के लंड खड़ा हुआ होगा या चूत मे कुछ कुछ हुआ तो कॉमेंट ज़रूर कीजिएगा..

आप मेरी तरह ग़लती मत कीजिएगा.. सुरक्षित रहिए, स्वस्थ रहिए..

Sex Stories Hindi – Saurabh Ko Sona Ki Hai Lena 2

Written by

मस्त कामिनी

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