कॉलेज गर्ल ने मुझे बहुत प्यार दिया

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मेरा नाम रूपेश है.. मैं इंदौर में रहता हूँ।

Meri Chudai की यह कहानी 2007 की है.. मेरे दोस्त के घर के पास में एक लड़की रहती थी, उसका नाम नेहा था। उसके मदमस्त हुस्न के बारे में क्या कहूँ.. बिलकुल दूध जैसी सफ़ेद थी। उसका फिगर 32-28-32 का था। जब पहली बार मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया था। मैं सोचने लगा था कि काश ये मेरी गर्लफ्रेंड होती।

उसी दिन मैंने अपने दोस्त से कहा- मेरी उससे दोस्ती करा दे।
उसने दोस्ती के लिए उस लड़की से बात की.. पर थोड़े दिन तक उसने कोई जवाब नहीं दिया।

फिर एक दिन मैं कॉलेज जा रहा था, मैंने देखा कि वो रास्ते में खड़ी थी, मैंने रुक कर उससे कहा- कहाँ जा रही हो.. मैं छोड़ देता हूँ।
उसने कहा- मुझे कॉलेज जाना है।

मैंने उसे बैठाया और कॉलेज की तरफ चल दिया। उसके प्यारे मम्मे मेरे सीने पर दब रहे थे.. मेरे शरीर में गुदगुदी होने लगी। मैंने उसे दोस्ती के लिए कहा.. तो उसने शर्माते हुए ‘हाँ’ कह दी।

मैंने उससे कॉफ़ी की पूछा.. तो उसने ‘हाँ’ कह दी, हम दोनों एक होटल में जाकर बैठ गए। फिर कॉफ़ी पीते समय उसने बताया- मेरा एक बॉयफ्रेंड है अमित.. मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ।

उसकी इस बात से मैं बहुत नर्वस हो गया। कॉफ़ी पीकर मैंने उसे कॉलेज छोड़ा और क्लास में जाते समय उसका मोबाइल नंबर ले लिया।
अब मैं कभी-कभी उससे बात करने लगा।

एक दिन उसका फ़ोन आया वो बहुत परेशान लग रही थी।
वो बोली- मुझे तुमसे मिलना है।

मैंने ‘हाँ’ कह दी और उसी कैफ़े में उससे मिलने आ गया।
वहाँ मैंने उससे पूछा- क्या हुआ?

तो वो मेरे कंधे पर सर रख कर रोने लगी। मेरे बहुत पूछने पर उसने बताया- मेरे बॉयफ्रेंड की शादी होने वाली है।

मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ, मैंने उसे सांत्वना दी और उसे हँसाया। फिर मैं उसे उसके घर छोड़ आया।

अब हम दोनों बहुत बातें करने लगे।
एक दिन मैंने उससे ‘आई लव यू..’ बोल दिया।
उसने कहा- तुमने बोलने में इतने दिन क्यों लगा दिए.. मैं कब से इन्तजार कर रही थी.. आई लव यू टू..
अब हम रोज मिलने लगे।

एक दिन मेरे फ्रेंड के घर कोई नहीं था.. तो मैंने उसे वहाँ बुलाया। वो जब आई तो क़यामत लग रही थी, वाइट जीन्स और ब्लू टॉप में वो बहुत खूबसूरत लग रही थी।

मैंने आते ही उसे अपनी बांहों में लिया और उसके माथे पर किस किया। फिर उसके प्यारे होंठों पर किस करने लगा।

थोड़े विरोध के बाद वो मेरा साथ देने लगी, मैंने उसके कानों को अपने मुँह के पास में लेकर अपनी साँसें उसके कानों में छोड़ीं तो ‘आहह.. उउफ़..’ की आवाजें उसके मुँह से निकलने लगीं।
मैंने उसकी गर्दन पर किस किया.. और उसके होंठों को मुँह में ले लिया।

वो मेरा साथ देने लगी, मैं अपना एक हाथ उसके मम्मे पर ले गया और दबाने लगा, उसके मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं।
मैंने उसके टॉप में हाथ डाल दिया और उसके मम्मे दबाने लगा।

अब वो पूरी मेरे काबू में थी, मैंने झट से उसका टॉप निकाला.. वो ब्लैक कलर की ब्रा में थी। मैंने उसकी ब्रा को निकाला और उसके मम्मों को आज़ाद कर दिया।
आह्ह.. मैं उसकी मस्त चूचियां देखता रह गया।

कितने प्यारे मम्मे थे.. उस पर जड़े हुए एक पिंक निप्पल को मैंने अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा।
वो आहें.. भरने लगी और मेरे बालों को पकड़ कर दबाने लगी, वो चुदास से भर कर बोली- आह्ह.. और चूसो जानू.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… आज मत छोड़ो मुझे चूस लो।

मैंने उसके पेट पर किस किया और फिर नाभि पर चूमा तो वो कामुक सिसकारियां लेने लगी। मैंने एक हाथ से उसकी जीन्स का बटन खोल कर उसकी पैन्टी में हाथ डाल दिया। उसकी चूत गीली हो गई थी। मैंने उसकी जीन्स को निकाल दिया और उसकी ब्लैक पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत चूसने लगा। वो जोर-जोर से ‘आहें..’ भरने लगी। मैंने झट से उसकी पैन्टी निकाली और अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया और चाटने लगा।

उसकी आवाज़ निकलने लगी- आह्ह.. चोद दो जानू.. मुझे.. आज मेरी.. फाड़ दो।

मैंने भी अपने कपड़े खोले और अपना लम्बा लंड उसके सामने आज़ाद कर दिया। वो मेरा लंड अपने हाथ में लेकर आगे-पीछे करने लगी। मैंने उसे मुँह में लेने को कहा.. तो उसने मना कर दिया लेकिन वो मुझे प्यार से होंठों पर किस करने लगी, वो बोली- प्लीज.. मुझे चोदो।

मैंने भी देर नहीं की और उसे सोफे पर लेटा दिया, उसकी चूत के मुँह पर अपना लंड टिकाया और एक धक्का मार दिया।

लौड़ा चूत में जाते ही उसके मुँह से ‘आह..’ की आवाज़ आई। मैंने एक और झटका मारा और इस बार मेरा पूरा लंड चूत में अन्दर चला गया।

अब मैंने धक्के मारना चालू कर दिए। वो ‘आह.. उह्ह.. आईई.. मेरे जानू फाड़ दो मेरी.. आह्ह..’

करीब 5 मिनट बाद उसका शरीर अकडने लगा। मैं समझ गया कि वो झड़ गई है। मैंने अपने धक्के और तेज कर दिए। अब मैं उठ कर सोफे पर बैठ गया और उसे अपने ऊपर आने को कहा। वो झट से मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपनी चूत में घुसवा कर बैठ गई और जोर-जोर से उछलने लगी। वो बहुत मजे से चुदने लगी।

‘फच.. फच..’ की आवाजें आने लगीं। अचानक उसके धक्के धीमे हो गए.. मैं समझ गया कि वो फिर से झड़ गई है। मैंने उसे लेटाया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख कर जोर-जोर से चोदने लगा। कई मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था।

मैंने अपना लंड निकाला और उसके हाथों में रख दिया। उसने हिला कर मेरा सारा माल निकाल दिया और मेरी बांहों में आकर लिपट गई।

उसके बाद उस दिन हमने दो बार और चुदाई की।

आपको Meri Chudai कहानी कैसी लगी जरूर बताइएगा। यह मेरे जीवन की एक सच्ची कहानी है।
[email protected]il.com

Written by

रूपेश जैन

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