मैडम जी सख्त उनकी चूत गर्म और नर्म

(Meri Sex Story Madam Ji Sakhat Unki Choot Garam Aur Naram)

मैं रोमित पटेल गुजरात के भरुच से हूँ। ये मेरी पहली सेक्स स्टोरी है। ये बात तब की है.. जब मैं बीई के फाइनल इयर में था। हमारे कॉलेज में हमारे एक सब्जेक्ट को एक मैडम जी पढ़ाती थीं। उनका नाम रागिनी था। पूरा कॉलेज उनसे डरता था। वो इतनी सख्ती रखती थीं.. कि पूरे कॉलेज की उनका नाम सुनते ही हवा निकल जाती थी। लेकिन मैं उनसे नहीं डरता था।

वो बला की खूबसूरत थीं, उन्हें देखते ही मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता था। मेरे कॉलेज के सभी लड़कों का यही हाल था.. लेकिन सबकी फटती थी।

रागिनी मैडम की उम्र 32 साल की थी। करीब 5 साल पहले उनके पति की मौत हो गई थी। मेरे अलावा सभी की मैडम से फटती थी। किसी भी काम के लिए मेरे दोस्त मुझे आगे कर देते थे।

एक दिन मेरा और रागिनी मैडम का झगड़ा हो गया। उन्होंने मुझे सबके सामने तीन-चार चाटें मार दिए। मैं बहुत दुखी हो गया था.. आज तक मुझ पर किसी ने हाथ नहीं उठाया था।

इसी तरह दो-तीन दिन निकल गए, इस दौरान मेरी और रागिनी मेम के बीच कोई बात नहीं हुई, मैंने उनसे बात करना बन्द कर दिया।

मैं आपको बता दूँ कि मैं अपनी क्लास में सबसे होशियार था।
एक दिन रागिनी मेम ने मुझे प्रोजेक्ट कम्पटीशन के लिए अहमदाबाद चलने को कहा.. तो मैंने मना कर दिया।
उन्होंने प्रिंसिपल से मेरी शिकायत कर दी, प्रिंसिपल के समझाने के बाद मैं उनके साथ जाने के लिए तैयार हुआ।

दो दिन बाद मैं और रागिनी मेम अहमदाबाद पहुँच गए, होटल में हम दोनों अपने-अपने कमरे में चले गए।
कम्पटीशन में हमारे कॉलेज का पहला नम्बर आया.. मैं बहुत खुश था।
लेकिन मेरी रागिनी मेम से कोई बात नहीं हुई।

हमें दूसरे दिन वापस जाना था.. तो मैं अपने कमरे में आ गया और सोने की तैयारी करने लगा। तभी दरवाजे की घंटी बजी।

मैंने दरवाजा खोला तो सामने रागिनी मेम एक बहुत ही छोटी सी फ्रॉक नुमा झीनी सी नाईट ड्रेस में थीं.. वो एकदम से अन्दर आईं और मुझसे कहने लगीं- तुम मुझसे बात क्यों नहीं करते?

मैं उनके कामुक जिस्म को देख कर हतप्रभ था.. और चुप था।
अचानक वो मेरे गले लग गईं और मेरे गालों पर और मेरे होंठों पर किस करने लगीं। मैंने रोकने की बहुत कोशिश की.. पर वो नहीं रुकीं।

फिर मुझसे भी नहीं रहा गया.. मैं भी उनका साथ देने लगा। वो मेरे लौड़े को दबा रही थीं और मैं भी उनके चूचे मसलने लगा।

कुछ ही देर बाद उन्होंने मेरा लौड़ा मेरे लोअर से बाहर निकाल लिया और अब वो बड़ी कामुकता से मेरा लौड़ा चूस रही थीं।

वो मुझसे कह रही थीं- रॉकी.. आज से मैं तुम्हारी हूँ।

मैंने उनकी फ्रॉक के साथ ब्रा और पैन्टी भी उतार दी। उनकी सफाचट चूत देख कर मैं एकदम से पागल सा हो गया.. ऐसा लग रहा था मानो अभी अभी शेव की हो।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था.. तो मैंने उनको चित्त लिटा कर अपना लौड़ा उनकी चूत पर रखा और एक धक्का लगा दिया। मेरा आधा लण्ड उनकी रसीली चूत में घुसता हुआ अन्दर चला गया।

रागिनी मेम की चीख निकल गई। बाद में मैं धीरे-धीरे लण्ड को अन्दर-बाहर करने लगा।

अब रागिनी मेम को भी मजा आने लगा था.. वो भी मेरा साथ खुल कर दे रही थीं। मैं भी अपनी पूरी रफ्तार में आ गया था। रागिनी मेम बड़बड़ा रही थीं ‘ओह.. फक मी रॉकी.. फक मी हार्डर..’
वो एकदम से अकड़ने लगीं और उनकी चूत ने पानी छोड़ दिया।

कुछ मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं भी उनकी झड़ी हुई चूत में ही झड़ गया। रागिनी मेम भी बहुत संतुष्ट थीं।

बाद में उनके साथ मेरा जिस्मानी रिश्ता बहुत दिनों तक चला।

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